अब वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल क्लासरूम के चलते ज्यादा स्पेस और वेंटिलेटेड घरों की हो रही है डिमांड

कोरोना महामारी ने लोगों को अपने घर की अहमियत बता दी है। अब ज्यादातर लोग न सिर्फ अपना घर खरीदना चाहते हैं, बल्कि घरों की डिजाइन में बदलाव भी चाहते हैं। वर्क फ्रॉम होम, बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई और ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस को देखते हुए वे घर के भीतर अलग स्पेस बनवाने की डिमांड कर रहे हैं। इसके लिए वे ज्यादा पैसे तक देने को तैयार हैं।

रियल एस्टेट के सेक्टर में बदल रहा है ट्रेंड -

डेवलपर्स की बॉडी नरेडको महाराष्ट्र की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, मंजू यागनिक ने कहा, कोरोनाकाल में अनेक खरीदार ऐसे थे जो पहली बार घर खरीद रहे थे। इतना ही नहीं, लोग ज्यादा बड़ा घर खरीदना चाहते हैं ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बना सकें। ट्रेंड को लेकर वह बताती हैं कि इन दिनों होम बॉयर्स की डिमांड में बदलाव देखा जा रहा है। अब वह पहले से ज्यादा स्पेस वाले घरों की तलाश कर रहे हैं। ग्राहक वर्क स्टेशन, वर्चुअल क्लासरूम और ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस के लिए अपने घर के भीतर एक अलग स्पेस बनवाने की भी डिमांड कर रहे हैं।

नए डिजाइन और लेआउट वाला घर देख रहे हैं ग्राहक

खरीदार नए डिजाइन और लेआउट वाला घर देख रहे हैं ताकि घर में जीरो टच इंट्री और एक्जिट हो सके। यानि आटोमैटिक डोर ओपन तकनीक का इस्तेमाल होना चाहिए। फ्लैट का लिफ्ट बटन की जगह साउंड टेक्नोलॉजी पर काम करे। वे चाहते हैं कि घर में सूरज की किरणें और ताजी हवा भी आए। ग्राहक घर और उसके डेकोरेशन पर पहले के मुकाबले अधिक खर्च तक करने को भी तैयार हैं।

Kw Shrithi के डेवलपर आर.के. नारायण ने बताया कि अब जो सोसायटी या अपार्टमेंट बनेंगे उनमें घर का एक हिस्सा ऐसा होगा, जहां वायरस को रोकने की कोशिश होगी। इस हिस्से में सामान की डिलीवरी होगी और मेहमान आएंगे। वायरस खत्म करने के लिए लोग ऐसे लैंप लगा रहे हैं, जो अल्ट्रावायलेट रेडिएशन उत्पन्न करते हैं। इनसे वायरस और बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।

हाई ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की सुविधा चाहते हैं ग्राहक

एस. रहेजा रियल्टी के डायरेक्टर राम रहेजा बताते हैं कि इस समय डेवलपर्स के पास जो डिमांड आ रही हैं उसमें सबसे ज्यादा ग्राहक स्पेसियस घर के साथ ऐसी डिजिटल विलेज वाली सोसाइटी की तलाश कर रहे हैं जहां हाई ब्रॉडबैंड वायर्ड कनेक्टिविटी की सुविधा हो। ग्राहक पावर बैक अप और अन्य सुविधाओं की भी मांग कर रहे हैं।

वेंटिलेटेड और गार्डनिंग वाली सोसायटीज डिमांड में

लोग अब स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा अलर्ट हैं। इसलिए वे ऐसी सोसाइटी चाहते हैं, जहां मेडिटेशन की जगह हो, हर्बल गार्डेन हो। साथ ही सोसायटी में टहलने के लिए जॉगिंग ट्रैक बना हो। ज्यादा वेंटिलेशन और पानी की सुविधा हो। रहेजा बताते हैं कि भविष्य में घरों को पानी और बिजली प्रोडक्शन के लिहाज से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। घरों में स्टोव, फायरप्लेस, सॉलिड फ्यूल बॉयलर, फ्यूल जेनरेटर और सोलर पैनल बढ़ेंगे। रहेजा के अनुसार यह सभी ऐसी सुविधाएं हैं जो घर खरीदने के फैसले में महत्वपूर्ण हो गई हैं। स्मार्ट होम इस समय लोगों का पसंदीदा है।

एंट्रेस में ही जूते, कपड़े और अपने सामान रख सकेंगे

मंजू यागनिक कहती हैं कि आने वाले समय में घरों और इमारतों में अंडरग्राउंड यानी माइनस फ्लोर बढ़ेंगे। इसका इस्तेमाल पानी और खाने को स्टोर करने के लिए किया जाएगा। घरों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि वे प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं को झेल सकें। नए ट्रेंड में घर का एंट्रेंस और रहने का एरिया अलग होगा। एंट्रेस में ही लोग जूते, उतारे हुए कपड़े और अपने सामान रखेंगे।

कम ब्याज दर और कुछ राज्यों में स्टैंप ड्यूटी में कमी का हो रहा फायदा

राम रहेजा बताते हैं कि, कम ब्याज दर, रुपए में कमजोरी तथा कुछ राज्यों में स्टैंप ड्यूटी में कमी से एनआरआई अब भारतीय रियल इस्टेट में निवेश की सोच रहे हैं। घर खरीदने वाले तैयार घरों को अहमियत दे रहे हैं। तैयार घरों में किसी तरह का जीएसटी नहीं लगता है। अक्टूबर-नवंबर, 2020 में मुंबई में सबसे ज्यादा घरों की बिक्री हुई है। लोगों को अपनी जेब के मुताबिक और अच्छी क्वालिटी का मकान चाहिए। 2021 में इन दोनों का संयोग बन रहा है। होम लोन 6.7 पर्सेंट के निचले स्तर पर है। हाल ही में प्रॉपर्टी कंसल्टेंट कंपनी जेएलएल इंडिया के एक सर्वे में शामिल करीब 82 पर्सेंट लोगों ने कहा कि वे 2021 में घर खरीदना चाहते हैं।

2021 में है सेक्टर को रिकवरी की उम्मीद

हाउसिंग डॉटकॉम, मकान डॉटकॉम व प्रॉपटाइगरडॉटकॉम के ग्रुप सीओओ, मणि रंगराजन बताते हैं कि कोरोना महामारी की मार झेल रही इकॉनामी, खास तौर पर रियल स्टेट सेक्टर को सामान्य होने में थोड़ा समय लगेगा। साल 2014 के बाद रियल स्टेट सेक्टर मंदा चल रहा था। अब कोविड-19 ने इस सेक्टर के लिए और बुरे हालात पैदा किए। ऐसे में 2014 से पहले के स्तर तक पहुंचना अब अधिक मुश्किल होने वाला है। हालांकि, अगले साल सेक्टर में रिकवरी की उम्मीद है।

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन व एमडी शिशिर बैजल ने कहा कि तीन-चार सालों की मंदी के बाद हमें 2020 से काफी उम्मीदें थी, लेकिन कोरोना ने पानी फेर दिया। इस साल की दूसरी छमाही में हमारे उद्योग में कुछ भरोसा लौटा है। नए ग्राहक भी बन रहे हैं। सरकार का हस्तक्षेप भी काफी मदद कर रहा है। उम्मीद है कि 2021 कई तरह से रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूत करेगा।

बता दें कि हाल में नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के आठ प्रमुख रेजिडेंशियल मार्केट में घरों की बिक्री बढ़ी है। पिछली तिमाही की तुलना में जुलाई-सितंबर तिमाही में 85% का उछाल देखा गया है। इसमें 45 लाख के सेगमेंट वाले घरों का हिस्सा 45% है।



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Now more space and ventilated homes are in demand due to work from home and virtual classrooms; Customers are ready to spend more


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